14 साल में 26 परीक्षाएं रद्द: पेपर लीक का गढ़ बना राजस्थान, अंधेरे में छात्रों का भविष्य
14 साल में 26 परीक्षाएं रद्द: पेपर लीक का गढ़ बना राजस्थान, अंधेरे में छात्रों का भविष्य
जयपुर : प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता तार-तार हो चुकी है। 2012 से 2026 तक REET, SI भर्ती, पटवारी, LDC, RAS प्री समेत 26 बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक और नकल के कारण रद्द करनी पड़ी हैं। हर परीक्षा रद्द होने से 10 से 15 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगता है। समय, पैसा और सालों की मेहनत बर्बाद होने से युवा डिप्रेशन में जा रहे हैं। कई छात्र आत्महत्या तक कर चुके हैं। पेपर लीक के गढ़ बन चुके राजस्थान की कोचिंग इंडस्ट्री पर भी संकट है। कोटा, जयपुर, जोधपुर की साख गिरने से पेरेंट्स अब दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। छात्र संगठनों का सवाल है कि सरकार हर बार स्पेशल टास्क फोर्स और सख्त कानून की बात करती है, पर माफिया हर बार नया तरीका निकाल लेता है। विपक्ष का आरोप है कि पेपर लीक माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला है, इसलिए बड़े नाम कभी नहीं पकड़े जाते। सिर्फ छोटे दलालों को पकड़कर खानापूर्ति हो जाती है।
हालात ये हैं कि छात्र पूछ रहे हैं: आखिर कब खत्म होगा ये ग्रहण काल?
मांग एक ही है : सभी लंबित भर्तियां टाइम बाउंड पूरी हों, पेपर लीक केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और दोषियों को उम्रकैद मिले, परीक्षा सिस्टम पूरी तरह ऑनलाइन और मल्टी-शिफ्ट किया जाए, और हर रद्द परीक्षा के लिए छात्रों को मुआवजा दिया जाए। राजस्थान के लाखों युवाओं का भविष्य अंधेरे में है। पारदर्शी सिस्टम कब मिलेगा, इसका जवाब अब सरकार को देना होगा।