डेवलपमेंट सपोर्ट सेंटर (DSC) द्वारा हिंदुस्तान यूनिलीवर फाउंडेशन के सहयोग से मेहसाणा में जनभागीदारी एवं सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं जल सुरक्षा विषय पर एक प्रेरणादायी जिला स्तरीय कार्यशाला का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया

डेवलपमेंट सपोर्ट सेंटर (DSC) द्वारा हिंदुस्तान यूनिलीवर फाउंडेशन के बहुमूल्य सहयोग से मेहसाणा में जनभागीदारी एवं सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं जल सुरक्षा विषय पर एक प्रेरणादायी जिला स्तरीय कार्यशाला का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के विषय-विशेषज्ञ, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, SDAU, जगुदण के प्राचार्य, सीड एंड स्पाइसेस रिसर्च स्टेशन, SDAU जगुदण के रिसर्च साइंटिस्ट, आत्मा (ATMA) के प्रमुख प्रतिनिधि, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) ,Manager, WASMO, Area Manager,GGRC सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी, सुजल समितियों के पदाधिकारी, DSC की समर्पित टीम एवं 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण एवं मुख्य बिंदु:
• समितियों एवं उत्कृष्ट गांवों का सम्मान: जल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय, सराहनीय एवं प्रेरणादायी योगदान देने वाली ग्राम जल समितियों गांवों को मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
• विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं प्रेरणा: KVK के कृषि वैज्ञानिकों एवं आत्मा (ATMA) के नेतृत्वकर्ताओं द्वारा किसानों को भूजल स्तर में सुधार, वैज्ञानिक फसल चक्र अपनाने, प्राकृतिक खेती एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु उपयोगी तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
• तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान: वाटर बजटिंग (जल आय-व्यय), वर्षा जल संचयन की आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों, चेकडैम प्रबंधन तथा ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
• सहभागिता एवं अनुभव साझा: सुजल समिति के समर्पित सदस्यों, DSC स्टाफ एवं अन्नदाताओं के बीच आपसी संवाद के माध्यम से जमीनी स्तर पर जल प्रबंधन की सफल रणनीतियों एवं व्यावहारिक अनुभवों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।
इस भव्य कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना, जन-जागरूकता को नई दिशा देना तथा समुदाय-आधारित स्वावलंबी जल प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।
कार्यशाला के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर DSC के district integrator द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, किसानों, सुजल समितियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया।